शाली माता मंदिर शिमला...
शाली माता मंदिर गाँव दलाना, पंचायत खटनोल, तहसील सुन्नी, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश में शाली टिब्बा पर स्थित है। शाली टिब्बा की समुद्र तल से ऊँचाई लगभग 9420 फीट है। यह अकेली चोटी वृहद् हिमालय के मनोरम 360 डिग्री दृश्य के लिए एक शानदार एवं सुविधाजनक स्थान प्रदान करती है। शाली मंदिर पहुँचने के लिए खटनोल से 3 घंटे और मशोबरा से 7 घंटे का पैदल मार्ग है।माता शाली देवी को माँ भीमा काली का स्वरूप कहा जाता है। मंदिर तक पहुंचने के लिए देवदार, मौरू एवं बान के पेड़ों से घिरा रास्ता श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। माता के दर्शन करने के लिए देश विदेश से लोग यहां आते हैं व माता से मन्नत मांगते हैं।
मां शाली देवी के मंदिर में मांगी गई मन्नत जल्द ही पूरी हो जाती है। मां शाली को समस्त रोगों की हर्ता माना जाता है व लोगों की इस स्थान के प्रति बड़ी आस्था है।
ऐसी मान्यता है कि वर्षो पहले दलाणा गांव के प्रसिद्ध विद्वान बदरा पंडित सराहन से देवी को यहां लाए थे तथा माता की मूर्ति दलाणा में स्थापित की गई थी। इसके बाद देवी के आदेश से स्थानीय लोगों ने 9420 फुट ऊंचाई वाली शाली नामक चोटी पर मंदिर बनाया। पहले इस स्थान पर देवी माता का एक छोटा सा मंदिर हुआ करता था, लेकिन अब माँ भीमाकाली मंदिर विकास समिति दलाणा के प्रयासों से परिसर का विकास किया जा रहा है। अब यहां पर 200 से 250 श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधा उपलब्ध है। वर्तमान समय में मंदिर परिसर में यात्रियों की सुविधा हेतु दो सराय भवन और कैंटीन की सुविधा उपलब्ध है। मंदिर में एक पुजारी और चौकीदार स्थायी रूप से कार्यरत है।
माता शाली देवी मंदिर शिमला से करीब 50 किलोमीटर दूर है। यहां पहुंचने के लिए शिमला से खटनोल ग्राम तक सड़क सुविधा उपलब्ध है। खटनोल पहुंचने के बाद मंदिर जाने के लिए तीन घंटे का पैदल रास्ता है। हालाँकि यह रास्ता कठिन है, लेकिन देवदार बान और मौरू के पेड़ों के बीच का यह सफ़र अपने आप में मनमोहक प्रतीत होता है। जैसे-जैसे आप ऊँचाई पर चढ़ते जाते हैं ,चारों ओर का दृश्य आपकी थकान को कम कर देता। आप भी जरूर इस दिव्य धाम का दर्शन कर पुण्य के भागीदार बनें एवं माता शाली का आशीर्वाद प्राप्त करें!
जय मां शाली !!!
जय मां भीमाकाली !!!
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