भारत दर्शन यात्रा: एक संस्मरण.... 03-12-2023

भारत दर्शन यात्रा : एक संस्मरण.....
03-12-2023).....
3 दिसंबर सन् 2023 को एकता तीर्थ यात्रा संगम सुंदरनगर के बैनर तले भारत दर्शन या तीन धाम यात्रा की शुरुआत शिमला से हुई।
  मैं अपनी माताजी,धर्मपत्नी, मामा-मामी तथा चाची जी के साथ मशोबरा से संकट मोचन तारा देवी के लिए रवाना हुआ। वहां से बस के माध्यम से हमें कुरुक्षेत्र जाना था। मन में एक उल्लास था और हल्का सा डर भी। यह एक ऐसी अद्भुत यात्रा की शुरुआत थी जिसमें हमें लगभग 55 दिन घर से बाहर रहना था- एक बिल्कुल अनजान माहौल ; बिल्कुल नए लोगों के साथ....पूरे भारत का भ्रमण करना था।
 संकट मोचन पहुंचते ही हमारी यात्रा की दो बसें खड़ी थीं और यात्री दल एक-एक करके बस में आ रहे थे तथा पहले से आरक्षित सीटों पर बैठकर अपने साजो़ सामान को रख रहे थे। धीरे-धीरे बस भरनी शुरू हुई और इसके साथ ही हमारी आगामी यात्रा की शुरूआत हो गई।
शोघी के पास यात्रियों का एक और दल बस में शामिल हुआ। तत्पश्चात वाकनाघाट, कंडाघाट, सोलन, सुबाठु और अंततः परवाणु से यात्रियों ने अपनी-अपनी बस में सवार होकर अपना सफर शुरू किया।
 आज का दिन हम सबके लिए खास था। नए-नए चेहरे हमारे सामने थे। बस के चालक-परिचालक भी नए थे। इस प्रकार पहले दिन हम कुरुक्षेत्र पहुंच गए और वहां पर रात्रि विश्राम हुआ। भोजन से पहले सभी यात्री इकट्ठा हुए और एकता तीर्थ यात्रा संगम के संचालक श्री सुरजीत राम शर्मा जी ने सभी यात्रियों को संबोधित किया। उन्होंने विस्तार पूर्वक इस धार्मिक यात्रा तथा इससे संबंधित आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किये।
मन में एक अजीबोगरीब कशमकश थी। दिमाग विचार शून्य था।
 यात्रा आगे कैसे होगी ? भविष्य के प्रति अनेकों विचार मन में उमड़ रहे थे। इसी जद्दोजहद में हम सब रात्रि विश्राम के लिए अपने-अपने बिस्तर में चले गए।
लायक राम शर्मा
शिमला।

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